कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने झंडाचौक पर प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के खिलाफ किया गया।
भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस प्रकार का प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम में देश-विदेश से वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल हुए थे। ऐसे में किसी भी प्रकार का राजनीतिक विरोध भारत की वैश्विक साख को प्रभावित कर सकता है।
AI समिट विवाद को लेकर नाराजगी
महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शशिबाला केष्टवाल ने कहा कि कांग्रेस देश की तरक्की से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के इशारे पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समिट स्थल पर प्रदर्शन किया, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि धूमिल करने की कोशिश की गई।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को राष्ट्रीय स्तर तक उठाया जाएगा।
झंडाचौक में हुआ पुतला दहन
बुधवार को बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता झंडाचौक पर एकत्रित हुईं। उन्होंने शांतिपूर्वक मार्च निकाला और इसके बाद पुतला दहन किया। इस दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
कार्यक्रम में मीनू डोबरियाल, सिमरन बिष्ट, मानेश्वरी बिष्ट, उर्मिला कंडारी, रेखा सुंद्रियाल, लक्ष्मी रावत और सुनीता मैंदोला सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहीं।
उत्तराखंड की राजनीति में बढ़ा तनाव
कोटद्वार में राहुल गांधी पुतला दहन की यह घटना उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक तनातनी अब स्थानीय स्तर पर भी तेज होती दिखाई दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और बढ़ सकती है।

