राज्यपाल का पौड़ी दौरा जनपद के विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने सर्किट हाउस, पौड़ी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके कार्यों की सराहना की और उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
जनपद मुख्यालय पहुंचने पर राज्यपाल को सुरक्षा बलों द्वारा सलामी दी गई। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने पारंपरिक तिलक लगाकर राज्यपाल का अभिनंदन किया, जिससे स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने महिलाओं के उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े शहरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की आवश्यकता है, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
इस दौरान राज्यपाल ने दो महिलाओं की गोद भराई की और आंगनबाड़ी के 10 बच्चों को ट्रैकसूट वितरित किए। साथ ही ग्रामोत्थान परियोजना के तहत चार पशु सखियों को स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जिससे वे डिजिटल माध्यम से अपने कार्यों को और बेहतर तरीके से संचालित कर सकें।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों और समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का भी निरीक्षण किया गया। इनमें उमंग स्वायत्त सहकारिता, नव उज्जवल स्वयं सहायता समूह, श्री तीमली आजीविका समूह, कृषक उत्पादक संघ और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग शामिल रहे। राज्यपाल ने इन स्टॉलों पर जाकर महिलाओं से बातचीत की और उनके अनुभवों को जाना।
राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण पर भी जोर दिया, जिससे महिलाएं नई तकनीकों और नवाचारों को सीखकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
राज्यपाल का पौड़ी दौरा केवल महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विकास योजनाओं की समीक्षा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा रही। जिलाधिकारी द्वारा जनपद में चल रही विकास परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें पर्यटन, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बिलखेत में पैराग्लाइडिंग और लैंसडाउन क्षेत्र में जिपलाइन एवं होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा विज्ञान संग्रहालय, इंडोर स्टेडियम और कंडोलिया मैदान का विकास कार्य भी प्रगति पर है। मोहनचट्टी को आयुर्वेद ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना भी चर्चा में रही।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है। राज्यपाल ने विशेष रूप से किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण और महिलाओं में एनीमिया परीक्षण पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
ऊर्जा क्षेत्र में चीड़ (पिरूल) से बायोमास ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। राज्यपाल ने पीरूल के संग्रहण और प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें।
इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा नशा उन्मूलन, साइबर अपराध नियंत्रण और मानव तस्करी रोकथाम के प्रयासों की जानकारी दी गई। विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।
राज्यपाल का पौड़ी दौरा यह दर्शाता है कि जनपद में विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्यपाल ने सभी अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए तो पौड़ी जनपद को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
अंत में उन्होंने पलायन रोकने, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। यह दौरा न केवल विकास योजनाओं की समीक्षा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

