नमामि गंगे पखवाड़ा जयहरीखाल के अंतर्गत भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल में आयोजित ‘गंगा स्वच्छता पखवाड़ा’ का भव्य समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 16 मार्च से प्रारंभ हुए इस 15 दिवसीय कार्यक्रम ने छात्रों और स्थानीय समुदाय के बीच गंगा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा की।
समापन समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य (कुल्हाड़) महेन्द्र सिंह राणा, विशिष्ट अतिथि रेखा देवी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुलभूषण और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आशीष रावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमेश ध्यानी द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी वरुण ने पखवाड़े के दौरान आयोजित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में स्वच्छता अभियान, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताएं तथा जन-जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को गंगा संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया और उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
समापन समारोह में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। गंगा की महत्ता और जल संरक्षण पर आधारित लघु नाटिका ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया, वहीं समूह गान और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि महेन्द्र सिंह राणा ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था की जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे पखवाड़ा जयहरीखाल जैसे कार्यक्रम समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए बस में रियायत दी जाएगी और महाविद्यालय परिसर को सोलर लाइटों से सुसज्जित करने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज सतपुली के प्रवक्ता भगतराम लखेड़ा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटलमंडा की अध्यापिका आशा बुढ़ाकोटी और सहायक अध्यापिका शालिनी गुसाईं सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
समारोह के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. एल. आर. राजवंशी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और एक प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे इस अभियान के संदेश को अपने गांव और समाज तक पहुंचाएं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाएं।
नमामि गंगे पखवाड़ा जयहरीखाल का यह समापन केवल एक कार्यक्रम का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत है, जिसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए गंगा और पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आना होगा। यह पखवाड़ा भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन स्वच्छता और संरक्षण का यह संदेश निरंतर जारी रहना चाहिए।

