रेस्टोरेंट ब्लैकमेलिंग केस पौड़ी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन युवकों ने रेस्टोरेंट के खाने में कॉकरोच मिलने का बहाना बनाकर मालिक को ब्लैकमेल किया और लाखों रुपये की मांग की। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे की गई ब्लैकमेलिंग?
यह पूरा रेस्टोरेंट ब्लैकमेलिंग केस पौड़ी 24 नवंबर 2025 से शुरू हुआ, जब आरोपी श्रीनगर स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने खाने में कॉकरोच मिलने का दावा करते हुए वीडियो बनाई।
इसके बाद आरोपियों ने:
- FSSAI में शिकायत करने की धमकी दी
- फर्जी नोटिस बनाकर व्हाट्सएप पर भेजा
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की चेतावनी दी
- रेस्टोरेंट की प्रतिष्ठा खराब करने का डर दिखाया
इन सबके जरिए आरोपियों ने रेस्टोरेंट मालिक से 2.5 लाख रुपये की मांग की।
50 हजार रुपये की वसूली
लगातार दबाव के चलते इस रेस्टोरेंट ब्लैकमेलिंग केस पौड़ी में रेस्टोरेंट संचालक की पुत्री ने पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये UPI के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए।
यह रकम आरोपी अक्षत के कहने पर उसके साथी सोहेल अख्तर के खाते में भेजी गई थी।
पुलिस की कार्रवाई
दिनांक 13 फरवरी 2026 को मिली शिकायत के बाद पौड़ी पुलिस ने इस रेस्टोरेंट ब्लैकमेलिंग केस पौड़ी को गंभीरता से लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित की गई जिसमें प्रभारी निरीक्षक कुलदीप नेगी और उप निरीक्षक मुकेश भट्ट के नेतृत्व में जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान:
- बैंक डिटेल्स ट्रैक की गई
- मोबाइल लोकेशन निकाली गई
- मुखबिरों से जानकारी जुटाई गई
इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को झज्जर, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
इस रेस्टोरेंट ब्लैकमेलिंग केस पौड़ी में गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- अक्षत आनंद उर्फ साहिल
- सोहेल अख्तर
- रितेश मिश्रा
तीनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से इस ब्लैकमेलिंग की साजिश रची थी।
किन धाराओं में केस दर्ज?
इस मामले में पुलिस ने निम्न धाराओं में केस दर्ज किया:
- धारा 308(2)
- धारा 318(4)
- धारा 61(2) BNS
क्या सीख मिलती है इस केस से?
रेस्टोरेंट ब्लैकमेलिंग केस पौड़ी से यह साफ होता है कि:
- सोशल मीडिया और फर्जी शिकायतों का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है
- बिजनेस मालिकों को सतर्क रहने की जरूरत है
- किसी भी धमकी या ब्लैकमेल की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए
निष्कर्ष
यह रेस्टोरेंट ब्लैकमेलिंग केस पौड़ी एक बड़ा उदाहरण है कि किस तरह कुछ लोग झूठे आरोप लगाकर पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। लेकिन समय पर की गई पुलिस कार्रवाई से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और सच्चाई सामने आ गई।

