पौड़ी में बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 के खिलाफ गेट मीटिंग

पौड़ी बिजली कर्मचारी विरोध प्रदर्शन: इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 के खिलाफ आंदोलन

पौड़ी बिजली कर्मचारी विरोध प्रदर्शन के तहत उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय पौड़ी गढ़वाल में बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए विशाल गेट सभा आयोजित की। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में किया गया।
देशव्यापी “लाइटनिंग एक्शन” के तहत प्रदर्शन

नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत 10 मार्च 2026 को देशभर में “लाइटनिंग एक्शन” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में उत्तराखंड के विभिन्न विद्युत संस्थानों, जल विद्युत परियोजनाओं, पावर हाउस, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर गेट मीटिंग और विरोध सभाएं कीं।

पौड़ी में आयोजित सभा में जताया गया आक्रोश

पौड़ी गढ़वाल में आयोजित सभा की अध्यक्षता इंजीनियर गोपाल सिंह रावत ने की, जबकि संचालन श्री मुकेश कुमार द्वारा किया गया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 को पारित कराने की प्रस्तावित योजना पर गहरी चिंता और कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।

संघर्ष मोर्चा के संयोजक इंशारूल हक और अध्यक्ष इंजीनियर युद्धवीर सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कर्मचारी संगठनों, किसान संगठनों और उपभोक्ता समूहों द्वारा दिए गए सुझावों और आपत्तियों को नजरअंदाज कर सरकार इस बिल को जल्दबाजी में लागू करने का प्रयास कर रही है।

कर्मचारियों की लंबित समस्याओं पर भी उठी आवाज

मोर्चा के अनुसार ऊर्जा निगमों में पिछले चार वर्षों से कर्मचारियों की कई समस्याएं लंबित हैं। इन समस्याओं को लेकर मोर्चा ने प्रबंधन को 19 सूत्रीय मांग पत्र दिया था, लेकिन अभी तक कोई वार्ता या समाधान नहीं हुआ है।

आंदोलन का आगे का कार्यक्रम

संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आंदोलन की आगामी रूपरेखा इस प्रकार है:

  • 13 मार्च और 17 मार्च – गेट मीटिंग और विरोध प्रदर्शन
  • 27 मार्च – उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय पर एक दिवसीय सत्याग्रह
  • 6 अप्रैल 2026 – उत्तराखंड जल विद्युत निगम मुख्यालय पर सत्याग्रह
  • इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर मध्य रात्रि से पूर्ण हड़ताल का आह्वान किया जाएगा।
निजीकरण के खिलाफ जताई चिंता

मोर्चा के नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 और नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने का प्रयास है। उनका कहना है कि इससे बिजली कर्मचारियों, किसानों और आम उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद

पौड़ी में आयोजित सभा में ई. अभिनव रावत, ई. प्रवेश कुमार, ई. गोविंद सिंह रावत, ई. उदित पंवार, ई. ज्योति असवाल, पूजा रावत, आरती रावत, सुनील रावत, अनिल थपलियाल, रवि पटवाल, पंकज, विनय, रामस्वरूप सहित सैकड़ों बिजली कर्मचारी और अभियंता मौजूद रहे।

संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांगें

मोर्चा ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • विद्युत सुधार अधिनियम 2025 को रद्द किया जाए
  • डाकपत्थर स्थित यमुना परियोजना की भूमि का हस्तांतरण रद्द किया जाए
  • उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण दिया जाए
  • वर्ष 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को विद्युत टैरिफ सुविधा पूर्व की तरह दी जाए
  • कर्मचारियों को ग्रेड वेतन और एसीपी का लाभ प्रदान किया जाए

संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश के सभी बिजली अभियंताओं और कर्मचारियों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया है।

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